Sunday 12 January 2020

युग के युवा

युगद्रष्टा हो तुम, हो इस युग के तुम युवा,
तुम ही हो, इस युग के निर्णायक,
इक युग निर्माण के, तुम ही हो गवाह,
हो तुम, इस युग के युवा!

युगों की बली चढ़ी जब, जन्म तेरा हुआ,
हर युग में रावण, तूने ही संहारा,
युग की जिम्मेदारी का, कर तू निर्वाह,
हो तुम, इस युग के युवा!

हर युग में थी बाधाएं, तुमने ही पाई राहें,
तुमने ही दी, युग को नई दिशाएँ,
क्षण भर विचलित, तू ना कभी हुआ,
हो तुम, इस युग के युवा!

तुझ में प्रतिभा, तुझ में ही विलक्षणताएँ,
विवेकानन्द, तुम्ही तो कहलाए,
शून्य को तुमने ही, था व्योम बनाया,
हो तुम, इस युग के युवा!
हट के हो तुम, फिर क्यूँ भटके हो तुम?
अंजाने में, क्यूँ संशय में हो तुम,
युग लिखना है तुझे, तू कलम उठा,
हो तुम, इस युग के युवा!

राम तुम्हीं, कृष्ण तुम्हीं, युग तुमनें गढ़ा,
बाधा के, हर पर्वत पर तू चढ़ा,
संस्कारी ये भारत, तुझसे ही बना,
हो तुम, इस युग के युवा!

सारथी हो तुम, पौरुष और पुरुषार्थ के,
ध्वजवाहक, युग के सम्मान के,
हर युग तू जीवन, परमार्थ ही जिया,
हो तुम, इस युग के युवा!

- पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा
  (सर्वाधिकार सुरक्षित)

6 comments:

  1. The poem is very lovely and beautiful.It is a poem which
    depicts the entire life and
    Praise of Swami Vivekananda.
    My best wishes and congratulat
    ions to the poem writer.
    to the poem
    writer

    ReplyDelete
    Replies
    1. I am obliged and thankful for your encouraging words Resp Raghvan Natrajan.
      Again, thanks for Visiting my Blog and leaving such a beautiful remark about my creation.

      Delete
  2. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल मंगलवार (14-01-2020) को   "सरसेंगे फिर खेत"   (चर्चा अंक - 3580)   पर भी होगी। 
    -- 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    -- लोहिड़ी तथा उत्तरायणी की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 

    ReplyDelete
  3. सर, बहुत अच्छा लगा पढ़कर मन नहीं कर रहा हटने को। बार-बार पढऩे को जी कर रहा है।

    ReplyDelete
    Replies
    1. आदरणीय संजय भास्कर, आपकी इतनी सुन्दर प्रतिक्रिया पाकर प्रसन्नता हुई। बहुत-बहुत धन्यवाद । आभार।

      Delete