Sunday, 4 February 2018

खुदातर्स

नजरों में मेरी खुदातर्स हैं बस वो....

प्रकृति प्रेमी हो श्रष्टा अनुगामी हो,
परनिन्दा, आत्मप्रशंसा, अहंकार से दूरी रखते है जो,
उद्भवन करते हों जो सद्गुण का,
असद्गुणों का हृदय से उच्छादन करते हैं जो...
अनुत्सेक हो मद रहित ज्ञानी है जो.....

नजरों में मेरी खुदातर्स हैं बस वो....

पर के सच्चे या झूठे दोष प्रकट कर,
अपने विद्यमान या अविद्यमान गुणों को जाहिर कर,
असद्गुणों को सदगुणों पर प्रभावी कर,
ईश्वरीय शक्ति से परे निडर बेफिक्र होते हैं जो.....
कदपि खुदातर्स नही बन सकते वो....

नजरों में मेरी खुदातर्स हैं बस वो....

सदा ही बचते हों खुदनुमाई से जो,
रूप, गुण, श्रेष्ठता, अहंकार का प्रदर्शन ना करते हो
श्रेष्ठजन हो, नम्रवृत्ति के हो अनुपालक,
साधुसमाधि से तपश्चरण का संघारण करते हों,
निष्कलेष हो निर्विकार ईश्वरगामी हो....

नजरों में मेरी खुदातर्स हैं बस वो....
------------------------------------------------------------------
ख़ुदातर्स
1. ख़ुदा या ईश्वर से डरने वाला
2. धर्मभीरू 3. कृपालुदयालु

"जीवन कलश" जीवन के कुछ लम्हे

सुख का मुखड़ा

ऐ दु:ख! तू मुझसे फेर जरा मुख! देखूं तो! जरा ये सुख दिखता कैसा है? क्या सुख के ये क्षण, मोह की क्षणिक परछाई के जैसा है? या दुख के साग...